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कसम गंगा मइया की, हम सत्ता में आए तो जातियों के आंकड़े सार्वजनिक कर देंगे: अखिलेश यादव

कुंभनगर (प्रयागराज)। रविवार को कुंभनगर स्थित निरंजनी अखाड़े में श्रीमहंत स्वामी नरेंद्र गिरि से आशीर्वाद लेने आए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि नई पीढ़ी के लोग राजनीति में अधिक से अधिक आएं। वह प्रियंका गांधी से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि सपा-बसपा का गठबंधन जनता का गठबंधन है। इसे जनता समर्थन देगी। सपा पर आरोप लगाया जाता है कि यादवों का भला किया। अब भाजपा की सरकार है, सभी जातियों की गणना करा ली जाए। सब सामने आ जाएगा, कहां कितने यादवों को नौकरी मिली, पता चल जाएगा। बोले, गंगा मइया की कसम खाकर कहता हूं कि जनता सपा की सरकार बनवाए तो हम जाति के आकड़े सार्वजनिक करेंगे। किस जाति की जनसंख्या कितनी है यह पता चलेगा, ताकि लोग एक दूसरे के प्रति नफरत न फैलाएं।

कहा कि अर्द्धकुंभ का नाम और रंग बदल जाए, कुंभ के किनारे कैबिनेट हो जाए लेकिन किसान खुशहाल न हों, नौजवानों को नौकरी न मिले तो सब बातें अधूरी रह जाती हैं।अखिलेश ने केंद्र सरकार से संगम किनारे स्थित किला उप्र सरकार को दान करने की अपील की है।

कहा कि सम्राट हर्षवर्धन ने कुंभ की परंपरा को आगे बढ़ाया। हजारों वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है। हर्षवर्धन यहां आते थे सब दान करके चले जाते थे। अब केंद्र सरकार किला प्रदेश सरकार को दान करे क्योंकि अक्षयवट देखने का मौका मिल रहा है। गंगा-यमुना भी सामने हैं लेकिन सरस्वती नहीं दिखाई देतीं, वह किले में कैद हैं। भाजपा ने सरस्वती को खोजने का वादा किया था।

उन्होंने कहा कि गंगा नदी साफ हो, इसके लिए और काम करने की जरूरत है, क्योंकि नदियां हमारी सभ्यता हैं। कहा कि यह सौभाग्य है कि हमारा कार्यक्षेत्र गंगा के किनारे है और जन्म यमुना के किनारे के शहर में हुआ। सपा को सत्ता में आने का मौका मिला तो जिस तरह गोमती और वरुणा नदियों को साफ करने के लिए काम किया गया, गंगा के लिए भी किया जाएगा। अखिलेश ने राम मंदिर के मुद्दे पर कहा कि साधु-संत मंदिर चाहते हैं लेकिन यह मामला सर्वोच्च अदालत को तय करना है।

अखिलेश यादव ने रविवार को संगम स्नान किया और बांध स्थित लेटे हनुमानजी के दर्शन पूजन भी किए। निरंजनी अखाड़े से अखिलेश श्रीमहंत स्वामी नरेंद्र गिरि के साथ निकले और सीधे किला स्थित वीआईपी घाट पहुंचे। यहां से बोट से संगम गए।

 

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