भोपालहॉट न्यूज़

अभी से सता रहा गर्मी का डर, जलसंकट न गहराए इसलिए किया ऐसा इंतजाम

भोपाल। शहर में पानी पर्याप्त है, लीकेज रोकें और जिन हिस्सों में पानी की ज्यादा सप्लाई है, वहां कटौती करके रोज पानी दिया जा सकता है। बस जरूरत है पानी के सही मैनेजमेंट की। यह बात नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल ने पिछले दिनों समीक्षा बैठक में कही।

बताया जा रहा है कि पीएस ने निगम अधिकारियों से कहा कि 23 लाख की आबादी के लिए 75 एमजीडी पानी पर्याप्त है। जबकि निगम कोलार, नर्मदा, बड़े तालाब से 90 एमजीडी से अधिक पानी उठा रहा है। जो पर्याप्त है। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण निगम पर दबाव है कि शहर में अल्टरनेट डे सप्लाई न हो। इस बार तालाब में पिछले साल की तुलना में एक फीट कम पानी है।

वर्तमान में तालाब का जलस्तर 1657.25 फीट तक पहुंच गया है। तालाब से निगम रोजाना 30 एमजीडी की जगह 23 एमजीडी पानी ले रहा है। यदि यही स्थिति रही तो मई तक जल स्तर डेड स्टोरेज लेवल 1652 फीट से नीचे चला जाएगा। गर्मी में जल संकट न हो इसके लिए निगम गत अक्टूबर से कभी अल्टरनेट डे तो कभी कटौती की प्लानिंग कर रहा है। लेकिन, ठोस निर्णय नहीं ले पाया। माना जा रहा था कि परिषद की बैठक में जलसंकट पर निर्णय लिया जाएगा, लेकिन चर्चा नहीं हुई।

तालाब से लें सिर्फ 15 एमजीडी पानी

बताया जा रहा है कि पीएस ने सुझाव दिया कि तालाब से सिर्फ 15 एमजीडी ही पानी लिया जाए। ताकि गर्मियों में इससे जुड़े क्षेत्रों की पानी सप्लाई में समस्या न हो। इन इलाकों में दूसरे स्रोतों से पानी की आपूर्ति की जाए। पिछले साल 15 एमजीडी कटौती की प्लानिंग हुई थी इस साल सिर्फ सात एमजीडी ही कटौती की गई है।

तालाब वाले क्षेत्रों में कुछ हिस्से पर पहले से अल्टरनेट डे सप्लाई हो रही है। नर्मदा और कोलार के पानी को तालाब से जुड़े हिस्से में आपूर्ति करके जल संकट को रोका जा सकता है। लेकिन, निगम के इंजीनियर मैनेजमेंट नहीं कर पा रहे हैं। जलसंकट के नाम पर सिर्फ तालाब से जुड़े क्षेत्रों में कटौती कर दी जाती है।

 

Tags
Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Bitnami