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अरावली अवैध खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के मुख्य सचिव को किया तलब

नई दिल्ली। अरावली अवैध खनन मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के मुख्य सचिव को तलब किया है। कोर्ट ने राजस्थान के मुख्य सचिव को 8 फरवरी को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से यह बताने के लिए कहा है कि अदालत के आदेश का अनुपालन क्यों नहीं किया गया। बीते 23 अक्टूबर,2018 को सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया था कि वो अरावली पर्वत के 115 हेक्टेयर भूमि पर खनन गतिविधियों पर 48 घंटे के अंदर रोक लगाए। सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि दिल्ली से लगने वाली अरावली पर्वत श्रृंखला की 138 पर्वतों में से 28 पर्वत गायब हो गए हैं। तब कोर्ट ने पूछा था कि क्या लोग हनुमान बन गए हैं कि वे पर्वतों को भी समाप्त कर दे रहे हैं। ये बड़ी दयनीय स्थिति है कि राज्य पर्वतों को बचाने में विफल रही है।

24 अगस्त,2018 को सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में बजरी खनन पर रोक के खिलाफ बजरी खनन लीजधारकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से रिपोर्ट तलब किया था। सुनवाई के दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 82 लीजधारकों की लीज की समय सीमा समाप्त हो गई। ऐसे में अब इन धारकों के पर्यावरणीय मंजूरी पर मंत्रालय विचार नहीं कर सकता है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में 16 नवंबर,2017 से बजरी खनन पर रोक लगा दी गई है। पहले की सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार ने कहा था कि राज्य में अनाधिकृत रूप से खनन हो रहा है। इसे रोकने का एक ही तरीका है कि राज्य में खनन की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा था कि राजस्थान हाईकोर्ट ने छोटे-छोटे खदानों के खनन पर भी स्टे लगा दिया है।

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