मध्प्रदेश

इंदौर से अपहृत बच्चा 39 घंटे बाद सुरक्षित पहुंचा घर

इंदौर। इंदौर के हीरा नगर थाना क्षेत्र की प्राइम सिटी से किराना दुकान संचालक का छह वर्षीय बेटे का रविवार को दोपहर में दो नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने अपरहण कर लिया था। पुलिस ने बच्चे को सोमवार को सागर से बरामद किया और मंगलवार को सुबह सुरक्षित घर पहुंचा दिया। पूरे 39 घंटे बाद बाद बच्चा घर पहुंचा, तो परिजनों की आखों में खुशी से आंसू छलक आए और वे फूट-फूटकर रोने लगे। बच्चे के सकुशल वापस लौटने से शहर से जहां खुशी का माहौल है, तो वहीं पुलिस के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। गौरतलब है कि रविवार को दोपहर करीब दो बजे इंदौर की प्राइम सिटी निवासी किराना दुकान संचालक रोहित जैन का छह वर्षीय बेटा अक्षत जैन बाहर बगीचे में खेल रहा था। उसी दौरान दो नकाबपोश बाइक सवारों ने उसका अपहरण कर लिया और करीब तीन बजे उसके पिता को फोन कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी।

इस घटना से परिजन घबरा गए और उन्होंने दोस्तों की सलाह पर पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस तुरंत एक्शन में आई और बच्चे की तलाश में शहर की नाकाबंदी कर जगह-जगह दबिश दी गई। इसके साथ ही प्रदेश के सभी पुलिस थानों को सूचना भेज दी गई। फिरौती के लिए आये फोन को ट्रैस कर बदमाशों की लोकेशन पता की गई, जिससे पुलिस को पता चला कि बदमाश सागर के आसपास पहुंच गए हैं। सागर पुलिस ने सोमवार को लोकेशन के आधार पर बदमाशों की तलाश में दबिश दी, तो बदमाश सागर जिले के बरोदिया गांव के पास बच्चे को छोडक़र फरार हो गए। बच्चे को सागर लाया गया जहां एसपी ऑफिस में उसे खाने को दिया गया इस दौरान सागर एसपी अमित सांघी सहित एडिशनल एसपी एवं अन्य पुलिसकर्मी और डॉक्टर भी मौजूद थे। पुलिस ने बच्चे के बरामद होने की सूचना सोमवार शाम को ही इंदौर पुलिस को दे दी थी। मंगलवार को सुबह करीब छह बजे सागर पुलिस ने बच्चे को सकुशल उसके घर पहुंचा दिया। करीब 39 घंटे बाद जब बच्चा घर पहुंचा, तो परिजन भावुक हो गए। रविवार को पूरी रात परिजन उसके अगवा होने के गम में नहीं सो पाए, तो सोमवार की रात उसके इंतजार में किसी को नींद नहीं आई। मंगलवार को सुबह बच्चा घर पहुंचा, तो उसकी मां शिल्पा, पिता रोहित जैन सहित सभी परिजन फूट-फूटकर रो पड़े और मौके पर मौजूद सभी लोगों की आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। सागर पुलिस के मुताबिक, अक्षत का अपहरण उसके दादा के परिचित संतोष विश्वकर्मा और उसके पांच साथियों ने किया था, जो कि अक्षत के दादा की फैक्ट्री में काम करता था। संतोष के साथी नबाव, लोकेश, अंकित और हसीन थे, जिन्हें टीकमगढ़ पुलिस के सहायता से ललितपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने फिरौती के लिए आये फोन पर लडक़ी की आवाज में बात की तो पता चला कि वे अक्षत को ललितपुर ले जा रहे हैं, लेकिन पुलिस से पकड़े जाने की भनक जैसे ही अंकित व लोकेश को लगी तो दोनों ने अक्षत को बरोदिया चौकी के पास छोड़ दिया और भाग खड़े हुए। पूरे मामले में सीएम कमलनाथ ने तत्परता दिखाने पर पुलिस को बधाई दी है। उन्होंने पुलिस महकमे को ऐसे मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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